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जब कोई अपना रूठ जाता है By A.T.A

जब कोई अपना रूठ जाता है  मानो दिल का टांका टूट जाता है  धड़कता तो बराबर है  मगर कुछ कमियां खुद में पाता है  जब कोई अपना रूठ जाता है.... है कौन गलत ये गलती किसकी है? फिर न सूझ पाता है  वो कैसे मानेगा? मनाऊं कैसे उसको मैं? यही एक ख्याल पल पल सताता है  जब कोई अपना रूठ जाता है.... नींद नहीं आती है  रात भर करवट बदली जाती है  आँखों में नमी उस शख्स की कमी बेहद खलती जाती है  मंथन मन का किया जाता है  तब जाके समझ आता है  कि जब कोई अपना रूठ जाता है  तो बेशक! दिल का टांका टूट जाता है .....
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The Jhansi Writers community || Jhansi Writers || Alok The Author

The Jhansi Writers Community || Jhansi Writers || Alok The Author @jhansi_writers क्या है झाँसी राइटर्स समुदाय का उद्देश्य? What is the motive of JHANSI WRITERS communty? झाँसी रायटर्स समुदाय का उद्देश्य झाँसी के सभी लेखकों को एक साथ लाना है और उनको एक-दूसरे से परिचित करवाना है क्युंकी Jhansi City में बहुत ही अच्छे और नए नए लेखक हैं जो अपना खुद का Instagram Page बनाकर अपनी रचनाये उस पर Publish करते हैं, कुछ लेखक थोड़े प्रसिद्ध हो जाते कुछ लेखकों की रचनाये ज्यादा लोगों तक नहीं पहुँच पाती है और वो फिर Likes & Followers Gain नहीं कर पाते हैं लेकिन एसा बिलकुल नहीं है कि वह अच्छा नहीं लिखते या मेहनत नहीं करते। Jhansi Writers Community का गठन क्यों हुआ? Why the JHANSI WRITERS community formed? इस सब को नज़र में रखते हुए इस झाँसी राईटर्स समुदाय का गठन Alok The Author द्वारा किया गया उनका कहना है कि झाँसी के लेखकों को मात्र झाँसी वाले लोग ही बुलंदियों तक पहुंचा सकते हैं उन्हें अन्य लोगों की आवश्यकता भी न लेनी पड़े परन्तु ऐसा इसलिए नहीं हो पता हैं क्यूंकि ये सारे लेखक झ

Best Motivational Story in Hindi 2020 | Ant Philosophy By Sonu Sharma

अधिक अच्छे अनुभव के लिये हमारा वेब वर्जन देखें Mostly हर किसी के मन में यह सवाल अवश्य आता है How to become successfu l तो चलिए आज इस पर ही कुछ चर्चा करते हैं     यूँ तो चीटियों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है पर क्या आप जानते हैं हमारा आज का जो विषय   (Topic)  है हमें उस पर भी चीटियों से कुछ सीखने को मिलता है       To become successful   हमारे लिये आवश्यक है की हमें द्रण रहना होगा हम किसी भी कार्य को यदि शुरू कर दे तो हम उसे सफलता और असफलता के आधार पर न आंके यदि हम ऐसा करते हैं तो हम अफलता के बाद उस कार्य को छोड़ देने की सोचेंगे क्लेकिन हमें ऐसा नहीं करना चाहिए यदि हम ऐसा करते हैं तो हमारे   Successful   होने के   Chances   बहुत कम हो जाते हैं इसीलिए यदि हम किसी भी कार्य को शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको शुरुआत में असफलता के लिये तैयार रहना चाहिए हो सकता है हम १ महीने असफल हों २ महीने असफल हों १ साल तक असफल हों लेकिन वास्तविक चुनौती यही है कि हम डटे रहे द्रण रहें और किसी भी परिस्थिति में   Give Up   न करें और आज के इस विषय पर हम आपको   ANT PHILOSOPHY   बताते हैं      AN

जीवन का अर्थ क्या है? | What Is Life in Hindi?

जीवन का अर्थ क्या है?  इन छात्रों के पास कुछ उत्तर हैं शोध में ऐसे लोगों को पाया गया है, जो अपने जीवन में अर्थ प्रदान करते हैं, उनके आसपास स्पष्टता होती है, जीवन में खुश रहने वाले, जीवन से अधिक संतुष्ट और विपत्ति का सामना करने वाले होते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों में नाटकीय वृद्धि को देखते हुए, विशेष रूप से युवा लोगों में, शोधकर्ताओं ने हाल ही में अधिक गहराई से समझने की कोशिश की है जो युवाओं के जीवन को अर्थ देता है। वर्ष सात में 174 छात्रों के साथ एक शोध परियोजना का संचालन किया गया, जहां उन्होंने तस्वीरों का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि उनके लिए क्या महत्वपूर्ण था।  हमने रिश्तों को पाया - दोस्त, परिवार और पालतू जानवरों के साथ - ये वही थे जिसे उन्होंने माना था कि उनके जीवन का अर्थ है।  मन की आंख का उपयोग करना अमेरिका में 2013 के एक अध्ययन ने कॉलेज के छात्रों के लिए जीवन के अर्थ का पता लगाया जो शोधकर्ताओं ने "दिमाग की आंख" तकनीक का उपयोग किया था। शोधकर्ताओं ने कॉलेज के छात्रों को उन चीजों की तस्वीरें लेने के लिए कहा जो उनके जीवन को सार्थक बनाते हैं और उनका वर्णन करने के

Interesting stories in Hindi | Motivational Story | जुनूनी बालक और संत

Interesting stories in Hindi | जुनूनी बालक और संत Motivational Story Interesting stories in Hindi | जुनूनी बालक और संत जब एक बालक जिसकी उम्र लगभग 16 से 17 साल की होगी पढने में भी काफी अच्छा था परन्तु उसका पढने में बहुत अधिक मन नहीं लगता था मगर उसके सपने बहुत बड़े थे। और वह किसी भी हाल में अपने सपनो को पूरा करना चाहता था। शायद वह जानता था कि उसके सपने यूँ ही आसानी से पूरे तो नहीं होंगे किसी भी मनुष्य के नहीं होते हैं। हर व्यक्ति को अपने सपनो के लिये बहुत संघर्ष करना ही होता है। परन्तु उसके मन में कुछ और ही चलता था वह कहा करता था। सब सोचेंगे थोड़ा,  मैं थोड़ा ज्यादा सोच के दिखाऊंगा। तुम सब बनाना अपनी दुनिया,  मैं तो अपना ब्रह्माण्ड बनाउंगा।।                 तो उस बालक के विचार कुछ इस प्रकार के होते थे अब आप सब अनुमान लगा सकते हैं कि उस बालक का जीवन लक्ष्य कैसा होगा? और उस बालक में कुछ कर गुजरने कि क्षमता है ये भी हम अनुमान लगा सकते हैं। उस बालक कि एक जीवन घटना का एक किस्सा ऐसा है जो हर व्यक्ति के कुछ सवालों का जवाब है। तो चलिए शुरू करते हैं उस बालक को दुनिया

चाणक्य की कहानी | चाणक्य के जीवन की सर्वाधिक प्रसिद्ध कहानी जब सिकंदर ने सेल्यूकस को

चाणक्य की कहानी | चाणक्य के जीवन की सर्वाधिक प्रसिद्ध कहानी जब सिकंदर ने सेल्यूकस को यह घटना उस समय की है , जब सिकन्दर की सेना भारत के आसपास कहीं ठहरी हुई थी। सिकन्दर ने अपने सेनापति सेल्यूकस को चाणक्य के पास मिलने के लिए भेजा। रात्रि का समय था , चाणक्य अपनी कुटिया में बैठे कुछ लिख रहे थे। सेवकों ने जब चाणक्य को सेल्यूकस के आने का समाचार कहा तो उन्होंने उसे अन्दर बुलवा लिया।   सेल्यूकस के यह कहने पर कि वह व्यक्तिगत भेंट करने आए हैं तो चाणक्य ने लिखना बन्द कर सामने जल रहे दीपक को बुझा दिया और वहीं पास रखे दूसरे दीपक को जला लिया। सेल्यूकस ने अपने आने का कारण भी बताया। बीच - बीच में राजनीति पर भी चर्चा होती रही । चाणक्य कभी एक दीपक जलाते , दूसरे को बुझाते और कभी दूसरे को बुझाकर , पहले को जला देते और साथ - ही - साथ बात भी करते जाते थे। सेल्यूकस चाणक्य को इस प्रकार करते देख भयभीत हो गया। उसे लगने लगा कि कहीं यह उस पर कोई जादू - टोना तो नहीं कर रहा? उसने घबराकर इस बार चाणक्य से पूछा तो चाणक्य उसका प्रश्न सुन खिलखिलाकर हंस पड़े और उन्होंने बताया कि- " यह कोई जादू - टोना नहीं है

अवसर को जाने मत देना | प्रेरक कहानी (Inspirational Story June 2020)

अवसर को जाने मत देना यकीन मानो उसका जवाव उसके द्वारा किये गए कार्य से कहीं  गुना  ज्यादा  साहस भरा हुआ था उसने कहा:-  " न तो हूँ मैं पढ़ा-लिखा ,  न देश और दुनिया जानू मैं! फिर जो भी है कर्ता-धर्ता अवसर को ही मानू मैं!" बात है 2017 की जब मैं अपनी मोटर-साइकिल उठा कर  अपनी नयी कहानी की तलाश में घर से निकल पड़ा। और अपने ननिहाल कि ओर मोटर-साइकिल मोड़ दी।  मोटर-साइकिल उठा कर  अपनी नयी कहानी की तलाश में घर से निकल पड़ा।  मैं गाँव के पास पहुंचा ही था कि वहीं रास्ते में खेत कि मुडेर पर बैठे हुए ननिहाल के परिचित लड़के(इकवाल) को देखा। तो मैं वहीँ रुक गया और बैठ के हम दोनों बातें करने लगे। वहीँ सामने सड़क निर्माड़ का कार्य चल रहा था हम दोनों पेड़ के नीचे ठंडी हवा में बैठे बैठे गप्पे लड़ाते और सामने चल रहे कार्य को देखते रहे। मैं वहीँ रुक गया और बैठ के हम दोनों बातें करने लगे। फिर हमने देखा कि वहां जो ट्रेक्टर ड्राइवर था, उसकी अपने मालिक से बहस हो गयी और वह तत्काल नौकरी छोड़कर वहाँ से चला गया हम दोनों दूर से बैठे इस द्रश्य को देख रहे थे। अब मालिक को