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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Interesting stories in Hindi | Motivational Story | जुनूनी बालक और संत

Interesting stories in Hindi | जुनूनी बालक और संत Motivational Story Interesting stories in Hindi | जुनूनी बालक और संत जब एक बालक जिसकी उम्र लगभग 16 से 17 साल की होगी पढने में भी काफी अच्छा था परन्तु उसका पढने में बहुत अधिक मन नहीं लगता था मगर उसके सपने बहुत बड़े थे। और वह किसी भी हाल में अपने सपनो को पूरा करना चाहता था। शायद वह जानता था कि उसके सपने यूँ ही आसानी से पूरे तो नहीं होंगे किसी भी मनुष्य के नहीं होते हैं। हर व्यक्ति को अपने सपनो के लिये बहुत संघर्ष करना ही होता है। परन्तु उसके मन में कुछ और ही चलता था वह कहा करता था। सब सोचेंगे थोड़ा,  मैं थोड़ा ज्यादा सोच के दिखाऊंगा। तुम सब बनाना अपनी दुनिया,  मैं तो अपना ब्रह्माण्ड बनाउंगा।।                 तो उस बालक के विचार कुछ इस प्रकार के होते थे अब आप सब अनुमान लगा सकते हैं कि उस बालक का जीवन लक्ष्य कैसा होगा? और उस बालक में कुछ कर गुजरने कि क्षमता है ये भी हम अनुमान लगा सकते हैं। उस बालक कि एक जीवन घटना का एक किस्सा ऐसा है जो हर व्यक्ति के कुछ सवालों का जवाब है। तो चलिए शुरू करते हैं उस बालक को दुनिया

चाणक्य की कहानी | चाणक्य के जीवन की सर्वाधिक प्रसिद्ध कहानी जब सिकंदर ने सेल्यूकस को

चाणक्य की कहानी | चाणक्य के जीवन की सर्वाधिक प्रसिद्ध कहानी जब सिकंदर ने सेल्यूकस को यह घटना उस समय की है , जब सिकन्दर की सेना भारत के आसपास कहीं ठहरी हुई थी। सिकन्दर ने अपने सेनापति सेल्यूकस को चाणक्य के पास मिलने के लिए भेजा। रात्रि का समय था , चाणक्य अपनी कुटिया में बैठे कुछ लिख रहे थे। सेवकों ने जब चाणक्य को सेल्यूकस के आने का समाचार कहा तो उन्होंने उसे अन्दर बुलवा लिया।   सेल्यूकस के यह कहने पर कि वह व्यक्तिगत भेंट करने आए हैं तो चाणक्य ने लिखना बन्द कर सामने जल रहे दीपक को बुझा दिया और वहीं पास रखे दूसरे दीपक को जला लिया। सेल्यूकस ने अपने आने का कारण भी बताया। बीच - बीच में राजनीति पर भी चर्चा होती रही । चाणक्य कभी एक दीपक जलाते , दूसरे को बुझाते और कभी दूसरे को बुझाकर , पहले को जला देते और साथ - ही - साथ बात भी करते जाते थे। सेल्यूकस चाणक्य को इस प्रकार करते देख भयभीत हो गया। उसे लगने लगा कि कहीं यह उस पर कोई जादू - टोना तो नहीं कर रहा? उसने घबराकर इस बार चाणक्य से पूछा तो चाणक्य उसका प्रश्न सुन खिलखिलाकर हंस पड़े और उन्होंने बताया कि- " यह कोई जादू - टोना नहीं है

अवसर को जाने मत देना | प्रेरक कहानी (Inspirational Story June 2020)

अवसर को जाने मत देना यकीन मानो उसका जवाव उसके द्वारा किये गए कार्य से कहीं  गुना  ज्यादा  साहस भरा हुआ था उसने कहा:-  " न तो हूँ मैं पढ़ा-लिखा ,  न देश और दुनिया जानू मैं! फिर जो भी है कर्ता-धर्ता अवसर को ही मानू मैं!" बात है 2017 की जब मैं अपनी मोटर-साइकिल उठा कर  अपनी नयी कहानी की तलाश में घर से निकल पड़ा। और अपने ननिहाल कि ओर मोटर-साइकिल मोड़ दी।  मोटर-साइकिल उठा कर  अपनी नयी कहानी की तलाश में घर से निकल पड़ा।  मैं गाँव के पास पहुंचा ही था कि वहीं रास्ते में खेत कि मुडेर पर बैठे हुए ननिहाल के परिचित लड़के(इकवाल) को देखा। तो मैं वहीँ रुक गया और बैठ के हम दोनों बातें करने लगे। वहीँ सामने सड़क निर्माड़ का कार्य चल रहा था हम दोनों पेड़ के नीचे ठंडी हवा में बैठे बैठे गप्पे लड़ाते और सामने चल रहे कार्य को देखते रहे। मैं वहीँ रुक गया और बैठ के हम दोनों बातें करने लगे। फिर हमने देखा कि वहां जो ट्रेक्टर ड्राइवर था, उसकी अपने मालिक से बहस हो गयी और वह तत्काल नौकरी छोड़कर वहाँ से चला गया हम दोनों दूर से बैठे इस द्रश्य को देख रहे थे। अब मालिक को

नम आँखों से कवियों ने कुछ यूँ दी सुशांत सिंह राजपूत को अंतिम विदाई (अलविदा सुशांत तुम बहुत याद आओगे)

सुशांत सिंह राजपूत को अंतिम विदाई ALVIDA SUSHANT सुशांत सिंह राजपूत का जन्म 19 जनवरी 1986 को बिहार के पटना में  हुआ था जैसा कि हम सभी जानते हैं कि बहुत ही कम उम्र और कम समय में उन्होंने वह मुकाम और सोहरत हासिल की जो किसी भी अभिनेता को हासिल करने में सालों लग जाते हैं उनके यूँ दुनिया से हार जाने और आत्महत्या कर लेने से सम्पूर्ण देश स्तब्द है ऐसा लग रहा है मानो किसी फिल्म की सूटिंग चल रही हो यह एक अविश्वसनीय घटना है उनके मृत्यू से देश भर में शोक का माहौल है उन्हें नाम आँखों से अंतिम विदाई देते हुए डॉ कुमार विश्वास और अन्य लेखको ने कहा:-  # तुम गए क्या शहर सूना कर गए    दर्द का आकार दूना कर गए .. ! " #SushantSingh Rajput # बात करो रूठे यारों से सन्नाटे से डर जाते हैं !    इश्क़ अकेला जी सकता है ,    दोस्त अकेले मर जाते हैं !! ये लड़का सोने नहीं दे रहा.ऐसा भी क्या भाई ? ये तो ठीक नहीं किया तुमने  -Dr. Kumar Vishwas #  रहने को तो दहर में आता नहीं कोई,     तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई.... #  तुम ऐसे जाओगे न सोचा था ना जाना था,     हर तरफ़ खबर थी फ़ै

5+ Best Shayri Status For What'sapp (June) 2020

5+ Best Shayri Status For What'sapp (June) 2020 # ये दिल तुमसे मिलने का मन किया करता है,     ये धड़कता था मेरे लिए,     अब तेरे लिए जिया करता है,     और अब पूछे कोई भी प्रशन इससे     ये उत्तर एक दिया करता है,     कि दुनिया तो फरेबी है, ये तेरे लिए जिया करता है...  # अगर तुम अनमोल ना होते मेरे लिए      तो बात कीमत की हो चुकी होती,     मेरा राज होता तुम पर,     तुम मेरी  हो चुकी होती...  # बर्दाश्त नहीं होती थी जिससे किसी की खामोशी,      गूंगे भी बोल जाया करते थे अक्सर जिसकी जिद के आंगे,     आज वो भी गजब का खामोस हुआ बैठा है मुहोब्बत मे,     बस एक लफ्ज "हँ " सुनने के वास्ते...  # तुम्हारे इंतज़ार मे यें आँखे नम हो जाती है,     बात करने से तुमसे मानो दिल की कुछ मुश्किलें कम हो         जाती है,     घूर घूर कर देखता हूँ तेरे घर तक का रास्ता,     क्या घर पर कुछ और बोलकर आप भी कहीं और गुम हो       जाती है...  # सुभनाल्लाह है उनका चेहरा, नजरे कयामत ढाती है,     अच्छां क्या कहा पता बता दें उनके घर का?    क्या तुमने कभी गौर नहीं किया?     हमारी भटकती नज़रें सीधे उनके घर तक जाती है.

पूर्व तैयारी का लाभ | जीवन ज्ञान

मेहनती किसान एक बहुत मेहनती किसान था। वह बहुत मेहनत करता था। और एक दिन वह अपनी मेहनत से काफ़ी अमीर हो गाया   फिर उसने और ज़मीन खरीदना शुरू कर दिया। और अपने आस-पास की सारी ज़मीन उसने खरीद ली लेकिन वक़्त पहिया चलता जाता है इसी के चलते किसान बहुत अमीर हो गया और अब उसके पास काफ़ी सारे खेत हुआ करते थे। और  फिर वह बूढ़ा हो चला और किसान बिल्कुल अकेला था तो अब किसान अपने सारे कार्यों को सम्भालने के लिये स्वयं को असमर्थ प्रतीत करने लगा। और करता भी क्यों न? आखिर अपना सारा जीवन किसानी को समर्पित कर चुका था और इतनी सोहरत हासिल करने के पश्चात शरीर अब उतना साथ नहीं दे पाता था। तो एक दिन उसने सोचा कि क्यों न किसी और को अपने काम की देखभाल के लिये रख लूँ? मैं सारे काम का निरिक्षण करता रहूंगा। फिर किसान ने एक दिन Interview   रख दिया आखिर इतना बड़ा ज़मीदार था ऐसे ही किसी को काम पर कैसे रख सकता था। साक्षात्कार(Interview) आस-पास से कई सारे लड़के बुलाये गये। सबसे उस बुजुर्ग किसान ने सवाल पूंछे (खेती के बारे में क्या-क्या जानते हो?, कैसे देखभाल करोगे?)  सबने अपनी-अपनी समझ से जवाव दिये लेकिन किसी का भ

Koi Deewana Kehta Hai Full Lyrics/ कोई दीवाना कहता है/ डॉ कुमार विश्वास (सम्पूर्ण कविता) 2020

Koi Deewana Kehta Hai Full Lyrics/ कोई दीवाना कहता है/ डॉ कुमार विश्वास  (सम्पूर्ण कविता) 2020 Koi Deewana Kehta Hai  Koi Deewana kehta hai full lyrics कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है। मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है।। मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है। ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है ।। मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है। कभी कबिरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है।। यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आँखों में आँसू हैं। जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है।। समंदर पीर का अंदर है, लेकिन रो नहीं सकता। ये आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नहीं सकता है।। मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले। जो मेरा हो नहीं पाया, वो तेरा हो नहीं सकता।। भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा, हमारे दिल में कोई ख्वाव पल बैठा तो हंगामा। अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का, मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा।। मैं उसका हूँ वो इस अहसास से इनकार करता है, भरी महफ़िल में भी रुशवा मुझे हर बार करता है।