पूर्व तैयारी का लाभ | जीवन ज्ञान

पूर्व तैयारी का लाभ | जीवन ज्ञान,प्रेरक कहानी
मेहनती किसान

एक बहुत मेहनती किसान था। वह बहुत मेहनत करता था। और एक दिन वह अपनी मेहनत से काफ़ी अमीर हो गाया   फिर उसने और ज़मीन खरीदना शुरू कर दिया। और अपने आस-पास की सारी ज़मीन उसने खरीद ली लेकिन वक़्त पहिया चलता जाता है इसी के चलते किसान बहुत अमीर हो गया और अब उसके पास काफ़ी सारे खेत हुआ करते थे। और  फिर वह बूढ़ा हो चला और किसान बिल्कुल अकेला था तो अब किसान अपने सारे कार्यों को सम्भालने के लिये स्वयं को असमर्थ प्रतीत करने लगा। और करता भी क्यों न? आखिर अपना सारा जीवन किसानी को समर्पित कर चुका था और इतनी सोहरत हासिल करने के पश्चात शरीर अब उतना साथ नहीं दे पाता था। तो एक दिन उसने सोचा कि क्यों न किसी और को अपने काम की देखभाल के लिये रख लूँ? मैं सारे काम का निरिक्षण करता रहूंगा। फिर किसान ने एक दिन Interview  रख दिया आखिर इतना बड़ा ज़मीदार था ऐसे ही किसी को काम पर कैसे रख सकता था।
पूर्व तैयारी का लाभ | जीवन ज्ञान,प्रेरक कहानी,साक्षात्कार
साक्षात्कार(Interview)

आस-पास से कई सारे लड़के बुलाये गये। सबसे उस बुजुर्ग किसान ने सवाल पूंछे (खेती के बारे में क्या-क्या जानते हो?, कैसे देखभाल करोगे?)  सबने अपनी-अपनी समझ से जवाव दिये लेकिन किसी का भी जवाव उस बुजुर्ग  किसान को पसन्द नहीं आया। जब आखरी लड़के से जवाव मांगा गया तो उसने बड़ा अजीब सा जवाब दिया उस किसान को वो जवाव समझ नहीं आया। लेकिन उसने वह अटपटे से जवाब की वजह से ही उस लड़के को नौकरी पर रख लिया।
पूर्व तैयारी का लाभ | जीवन ज्ञान,नौकरी पर रख लिया
नौकरी पर रख लिया

कि देखे तो ये आखिर करेगा क्या?  और वह जवाब यह था कि:-

"मैं तब सो सकता हूं जब तेज़ हवा चल रही हो।"

जवाव तो बेहद अजीब था ही किसी को भी समझ नहीं आया। फिर एक दिन बहुत तेज़ आँधी चलने लगी, किसान को चिन्ता हुई कि न जाने उसने जानवरों को बान्धा होगा या नहीं फ़सल सही होगी य नहीं। तो किसान खुद ही खेत पर चला आया और उसने देखा कि वह लड़का तो आराम से सो रहा है। किसान को गुस्सा आया और किसान ने तेज़ आवाज़ देते हुए उस लड़के को जगाया और कहा- "तुम यहाँ आराम से सो रहे हो वहाँ खेत की देखभाल कौन करेगा?" लड़के ने ज़वाव दिया-"मालिक मैने तो आपसे पहले ही कहा था कि जब तेज़ हवा चलेगी तब मैं सो सकता हूं।" और यह कहते हुए उसने करवट बदला और दुबारा सो गया। किसान को बहुत गुस्सा आया लेकिन खेत तो आखिर किसान का था तो किसान खुद चल पड़ा खेत की ओर और वहाँ जाकर उसने देखा कि सब कुछ बहुत बढि़या ढंग से व्यवस्थित था। तब जाके किसान मुस्कुराया और उस दिन जाकर उसे उस लड़के का जवाव समझ आया, कि तैयारी पहले कर लेनी चाहिए और जब बिपत्ती आये तब निश्चिन्त हो जाना चाहिए।।

आप इस कहानी से क्या सीखे अगर कुछ नयी सीख आपके मन आयी हो तो comment के माध्यम से हमारे पाठकों से साझा अवश्य करें क्युँकी:- "एक व्यक्ती सब कुछ नहीं जानता मगर सब कुछ न कुछ जरूर जानते हैं।।"

हमारे Instagram Page को Follow करें @jeewangyan.life